Friday, Jan 21 2022 | Time 09:46 Hrs(IST)
 logo img
" "; ";
  • बच्चों के लिए न तो मास्क और न ही एंटीवायरल की है जरूरत, क्या है नई गाइडलाइन?
  • बच्चों के लिए न तो मास्क और न ही एंटीवायरल की है जरूरत, क्या है नई गाइडलाइन?
  • बच्चों के लिए न तो मास्क और न ही एंटीवायरल की है जरूरत, क्या है नई गाइडलाइन?
NEWS11 स्पेशल


एचईसी के तीनो प्लांट में काम बंद, बकाया वेतन को लेकर टूल डाउन स्ट्राइक पर कर्मी

बकाया वेतन भुगतान को लेकर कर्मियों ने काम किया बंद
एचईसी के तीनो प्लांट में काम बंद, बकाया वेतन को लेकर टूल डाउन स्ट्राइक पर कर्मी

आसिफ नईम, न्यूज 11 भारत

रांची : हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेनशन लिमिटेड, एचईसी के तीनों प्लांट में काम बंद हो गया है. गुरूवार की सुबह आठ बजे एचएमबीपी में कर्मियों ने काम बंद कर दिया. इसके बाद एफएफपी और एचएमटीपी के भी कर्मचारियों ने टूल डाउन कर दिया. तीनों प्लांट के कर्मियों ने टूल डाउन स्ट्राइक बकाया वेतन भुगतान के लिए​ किया है. 

 

एचईसी में अफसरों का सात माह और कर्मचारियों का छह माह का वेतन बकाया हो गया है. एक दिसंबर से अफसरों आठ माह और कर्मियों का सातवा माह शुरू हो गया है. कर्मचारियों का कहना है कि एचईसी प्रबंधन के आला अफसर वेतन भुगतान को लेकर गंभीर नहीं है. कर्मचारी प्लांटों में उपकरणों का निर्माण कार्य कर रहे है, ऐसे में उनको वेतन क्यों नहीं मिल रहा है. 

 


 


 

पिछले दिनों एचएमबीपी के कर्मचारियों ने प्लांट जीन का घेराव किया था. घेराव के बाद एचईसी प्रबंधन के आला अफसरों ने कर्मियों को आश्वासन दिया था कि जल्द वेतन का भुगतान होगा. मगर एक दिसंबर को वेतन का भुगतान नहीं हुआ, इसके बाद कर्मियों ने टूल डाउन स्ट्राइक शुरू ​किया.

 


आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है एचईसी

कारखानों की जननी एचईसी आर्थिक संकट के दौर से भी गुजर रहा है. कंपनी के तीनों प्लांटों में उत्पादन ठप होने के बाद रक्षा और नौ सेना से मिले कुछ उपकरणों का निर्माण कार्य बंद हो गा है. जिससे शॉप ठप पड़े हुए हैं.

 

मशीनों के लिए तेल-पानी पर आफत

एचईसी की आर्थिक स्थिति अगर जल्द नहीं सुधरी, तो कंपनी अगले वित्तीय वर्ष में बंदी के कगार पर पहुंच जाएगा. निगम कर्मियों को वेतन के लिए अभी ही पैसे नहीं है. ऐसे में कारखाना में मशीनों में उपयोग होने वाले तेल-पानी की खरीदारी नहीं हो पा रही है. प्लांटों में ऐसे ही उत्पादन ठप रहा, तो एचईसी को बंद होने से कोई नहीं बचा सकता है. कंपनी के पर्याप्त कार्यादेश हैं. मगर कार्यशील पूंजी का अभाव है.

 


 

हर माह वेतन मद में 7 करोड़ खर्च

एचईसी में अभी 1350 स्थायी अफसर-कर्मचारी हैं. वहीं करीब 1700 सप्लाई मजदूर काम करते हैं. हर माह कंपनी का वेतन आदि मद में करीब 11 करोड़ 40 लाख रुपये खर्च होता है. सिर्फ वेतन पर हर माह 7 करोड़ खर्च आता है. एचईसी पर कर्मचारियों का वेतन आदि मद में अबतक करीब 45 करोड़ रुपये बकाया हो गया है.


अधिक खबरें
बच्चों के लिए न तो मास्क और न ही एंटीवायरल की है जरूरत, क्या है नई गाइडलाइन?
जनवरी 21, 2022 | 21 Jan 2022 | 7:39 AM

पांच साल तक के बच्चों के लिए मास्क पहनने की कोई जरूरत नहीं है. इसी तरह 18 साल से कम उम्र के बच्चों और किशोरों के लिए एंटीवायरल या मोनोक्लोनल एंटीबाडी का उपयोग करने की सिफारिश नहीं की जाती है, भले ही कोरोना संक्रमण की गंभीरता कुछ भी हो. यदि स्टेरायड का उपयोग किया भी जाता है, तो उन्हें 10 से 14 दिन तक डाइल्यूट (पतला) करके देना चाहिए. सरकार की ओर से गुरुवार को ये दिशा-निर्देश जारी किए गए.

एशियाई फुटबॉल चैंपियनशिप के लिए CM बतौर चीफ गेस्ट आमंत्रित
जनवरी 20, 2022 | 20 Jan 2022 | 7:35 PM

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एएफसी महिला एशिया कप 2022 के मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया है. सोरेन को अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष प्रफुल्ल पेटल ने मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया है. सीएम हेमंत सोरेन ने पत्र लिखकर पटेल के प्रति आभार प्रकट किया है.

झारखंड में RTPCR जांच हुआ सस्ता, जानें नयी RATE
जनवरी 20, 2022 | 20 Jan 2022 | 6:39 PM

झारखंड सरकार ने कोविड-19 जांच के लिए ली जानेवाली शुल्क को कम कर दिया है. अब आरटीपीसीआर जांच के लिए निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लिनिक, प्रयोगशालाओं में चार सौ रुपये की जगह तीन सौ रुपये लिये जायेंगे.

एचईसी के सेंट्रल ट्रांसपोर्ट से 70 बैट्री की चोरी, जांच में जुटी पुलिस
जनवरी 20, 2022 | 20 Jan 2022 | 6:18 PM

हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड, एचईसी के सेंट्रल ट्रांसपोर्ट से 70 बैट्री की चोरी हो गई है. यह सभी बैट्री सेंट्रल ट्रांसपोर्ट परिसर में खड़ी गाड़ियों में लगे हुए थे. कुछ बैट्री स्टोर में भी थे. चोरों ने एक ही रात एक साथ 70 बैट्री अपने साथ चुरा कर ले गए, किसी को भनक तक नहीं लगी.

PVTG बच्चों को उड़ान परियोजना दे रहा उनके सपनों को पंख
जनवरी 20, 2022 | 20 Jan 2022 | 5:36 AM

राज्य में विशिष्टतः असुरक्षित जनजातीय समूह ( पीवीटीजी) के बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखने में उड़ान परियोजना के तहत 'पीवीटीजी पाठशाला' सकारात्मक बदलाव ला रहा है. परियोजना का उद्देश्य सुदूर गांवों, जंगलों एवं कठिन भौगोलिक परिस्थितयों में रहनेवाले विशिष्टतः असुरक्षित जनजातीय समूह के बच्चों को 'पीवीटीजी पाठशाला' के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाना है.